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Saturday, July 4, 2009

इतिहास रचने के लिए उतरेगी भारतीय टीम

तीसरे वनडे मे वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली शानदार जीत से उत्साहित टीम इंडिया रविवार को होने वाले श्रंखला के चौथे और अंतिम वनडे को जीतकर इतिहास बनाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में भारतीय टीम के पास वेस्टइंडीज में इतिहास बनाने का अच्छा अवसर है। भारतीय टीम ने आखिरी बार वर्ष 2001-02 में यहां वनडे सीरीज जीती थी लेकिन उसके बाद से टीम इडिया अभी तक वनडे सीरीज नही जीत पाई है। ऎसे में कप्तान धोनी के लिए कैरेबियाई जमीन पर एतिहास बनाने का अच्छा अवसर है।

भारत ने शुक्रवार को तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज को छह विकेट से मात दी थी। भारत के लिए इस मैच में खुशी की बात ये रही कि उसके दोनों ओपनर गौतम गंभीर और दिनेश कार्तिक ने इस मैच में रन बनाए और टीम को एक अच्छी शुरूआत दी। इसके पहले टीम काफी समय से अपने ओपनरों के अच्छी शुरूआत के इंतजार में तरस रही थी। लेकिन इस मैच के बाद धोनी की चिंता इस तरफ से खत्म हो गई होगी।
इसके अलावा कप्तान धोनी भी इस मैच में अपनी पुरानी रंगत में दिखे। जाहिर तौर पर टीम इंडिया के सभी खिलाडी इस स्वर्णिम अवसर का फायदा उठायेंगे। धोनी की सेना को पता है कि अगर वे वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज जीतने में कामयाब रहे तो टी-20 विश्व कप के सुपर आठ चरण से बाहर होने का गम कम हो जाएगा। धोनी ने इस सीरीज के शुरू में ही कहा था कि वह वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृखला जीतकर अपने देशवासियों को तोहफा देना चाहेगे।
जाहिर है टीम के सभी खिलाडी अपने कप्तान की इस चाहत को पूरा करने की कोशिश करेगें। युवराज सिंह तीसरे मैच में नहीं चल थे ऎसे में वह भी अंतिम मैच में अपना धमाकेदार प्रदर्शन करने को बेताब होगे।

Friday, July 3, 2009

टेस्ट रैकिंग में गंभीर व भज्जी शीर्ष भारतीय

भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ताजा आईसीसी टेस्ट रैकिंग के तीसरे स्थान के साथ शीर्ष भारतीय बल्लेबाज बन गए है, वहीं छठी पायदान पर काबिज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह शीर्ष दस गेंदबाजों में एकमात्र भारतीय है। दिल्ली के बाएं हत्था बल्लेबाज गंभीर 847 अंकों के साथ शीर्ष दस बल्लेबाजों में जगह बनाने वाले एक मात्र भारतीय है। गंभीर के बाद सचिन तेदुलकर 13वें स्थान पर, वीवीएस लक्ष्मण 15वें स्थान पर और वीरेन्द्र सहवाग 20वें स्थान पर है। शीर्ष 10 गेंदबाजों में हरभजन सिंह एक मात्र भारतीय है।

हरभजन के बाद जहीर खान 11वें स्थान पर है। टीम रैकिंग में भारत 117 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर आस्टे्रलिया 128 अंक के साथ और दूसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका 119 अंक के साथ है। पाकिस्तान के कप्तान यूनुस खान टेस्ट बल्लेबाजों की रैकिंग में पहले स्थान पर बने हुए है।
यूनुस की नजर 900 अंक पूरे करके यह आंकडा छूने वाले दुनिया के 25वें खिलाडी बनने पर होगी। इक्कतीस वर्षीय यूनुस खान 900 अंकों के जादुई आंकडे के केवल 20 अंक दूर है। यूनुस अगर 900 अंको का आंकडा छू लेते है तो वह मोहम्मद यूसुफ के बाद ऎसा करने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाडी होंगे।

Wednesday, July 1, 2009

अपना विकेट बलिदान कर सकता हूं सहवाग के लिए : गंभीर

भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर का लगातार खराब प्रदर्शन का कारण क्या उनके प्ररेणास्त्रोत वीरेन्द्र सहवाग की अनुपस्थिति है। सहवाग कंघे की चोट के कारण वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जा पाए है। गंभीर ने टेस्ट मैचों में भी सहवाग के साथ पारी का आगाज करने पर ही अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के साथ 23 टेस्ट मैचों की पारी की शुरूआत की और इनमें उन्होंने 59.42 की औसत से 2258 रन बनाये जिसमें छह शतक शामिल है। अब उन दो टेस्ट मैचों पर गौर करे जिनमें गंभीर तो खेले थे लेकिन सहवाग नहीं।

इन दोनों मैच की चार पारियों में गंभीर दोहरे अंक तक नहीं पहुंच पाए थे। इन चार पारियों में उनके नाम पर 13 रन दर्ज है। इनमें श्रीलंका के खिलाफ दिल्ली में 2005 में गंभीर ने पहली पारी मे दो और दूसरी पारी में तीन रन बनाये जबकि पाकिस्तान के खिलाफ 2007 में बेगलूर में वह पांच और तीन रन ही बना पाए। इन दोनों को भारत की सबसे खतरनाक सलामी जोडी भी माना जाता है और ये दोनों एक दूसरे की तारीफ करते हुए भी नहीं थकते है। सहवाग का मानना है कि गंभीर उनसे कही बेहतर बल्लेबाज है।
उनके शब्दों में मेरे हिसाब से वह सुनील गावस्कर के बाद भारत के सर्वश्रेष्ट सलामी बल्लेबाज है। दूसरी तरफ गंभीर मानते है कि भारतीय क्रिकेट में सहवाग से बेहतर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि वीरू एकमात्र ऎसा क्रिकेटर है जिसके लिए मै अपना विकेट बलिदान कर सकता हूं। मै उनका बहुत बडा प्रशंसक हूं। मेरे हिसाब से वह सबसे खतरनाक बल्लेबाज है। आंकडो पर गौर करे तो साफ हो जाता है कि बाये हाथ के सलामी बल्लेबाजी गंभीर ने तब अक्सर अच्छा प्रदर्शन किया जब दूसरे छोर पर सहवाग खडे थे।