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Friday, July 10, 2009

बुकानन ने भारतीय खिलाडियों की कडी आलोचना की

भारतीय क्रिकेट खिलाडियों की खेल भावना को लेकर ग्रेग चैपल के बाद फिर एक विदेशी कॉच ने उंगली उठायी है। जिससे फिर एक नया विवाद शुरू हो गया है। कोलकाता नाइट राइडर्स के पूर्व कॉच जॉन बुकानन के निशाने पर इस बार भारत के स्टार क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, सौरभ गांगुल लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर है।

जॉन बुकानन ने अपनी किताब " फ्चूचर ऑफ क्रिकेट : राइज ऑफ टी-20" में मास्टर ब्लास्टर सचिन को क्रिकेट खेलने के लिए अनुभवहीन बताया है। बुकानन ने न सिर्फ अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का भी अनुभव के मामले में हाशिये पर रखा है। बुकानन ने अपनी किताब में कई मौजूदा और पूर्व खिलाडियों को अपने निशाने पर लिया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम और इंडियन प्रीमियर लीग, आईपीएल की कोलकाता टीम के पूर्व कॉच जॉन बुकानन का भारत से रिश्ता लगभग खत्म हो गया है। मगर बुकानन अभी भी भारतीय क्रिकेट खिलाडियों को अपने निशाने पर लेकर कोचिंग अनुभव बांट रहे है। बुकानन ने किताब मे लिखा है कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर टी-20 क्रिकेट के लिए फिट खिलाडी नहीं है। सचिन मं अपने खेल जीवन के इस मौड पर ताकत और प्रभुत्व की कमी साफ झलकती है। बुकानन ने आगे कहा है कि अब उनमें निर्माण कुशलता और निर्भिक होकर खेलने की क्षमता समय के साथ कम होती जा रही है।
सचिन इस फटाफट क्रिकेट में कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकते साथ ही उनका अनुभव भी इसमें कुछ खास नहीं रहा है। बुकानन ने महान खिलाडी सनी गावस्कर व युवी की भी जमकर आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि गावस्कर काफी तुच्छ बुद्धि के पक्षपाती व्यक्ति है। जबकि युवराज सिंह का खेल गांगुली की तरह है लेकिन युवराज में गांगुली की तरह आर्कषण और टीम नेतृत्व की क्षमता नहीं है।

Friday, July 3, 2009

टेस्ट रैकिंग में गंभीर व भज्जी शीर्ष भारतीय

भारत के सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ताजा आईसीसी टेस्ट रैकिंग के तीसरे स्थान के साथ शीर्ष भारतीय बल्लेबाज बन गए है, वहीं छठी पायदान पर काबिज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह शीर्ष दस गेंदबाजों में एकमात्र भारतीय है। दिल्ली के बाएं हत्था बल्लेबाज गंभीर 847 अंकों के साथ शीर्ष दस बल्लेबाजों में जगह बनाने वाले एक मात्र भारतीय है। गंभीर के बाद सचिन तेदुलकर 13वें स्थान पर, वीवीएस लक्ष्मण 15वें स्थान पर और वीरेन्द्र सहवाग 20वें स्थान पर है। शीर्ष 10 गेंदबाजों में हरभजन सिंह एक मात्र भारतीय है।

हरभजन के बाद जहीर खान 11वें स्थान पर है। टीम रैकिंग में भारत 117 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर आस्टे्रलिया 128 अंक के साथ और दूसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका 119 अंक के साथ है। पाकिस्तान के कप्तान यूनुस खान टेस्ट बल्लेबाजों की रैकिंग में पहले स्थान पर बने हुए है।
यूनुस की नजर 900 अंक पूरे करके यह आंकडा छूने वाले दुनिया के 25वें खिलाडी बनने पर होगी। इक्कतीस वर्षीय यूनुस खान 900 अंकों के जादुई आंकडे के केवल 20 अंक दूर है। यूनुस अगर 900 अंको का आंकडा छू लेते है तो वह मोहम्मद यूसुफ के बाद ऎसा करने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाडी होंगे।

Thursday, July 2, 2009

कुंबले की जगह हरभजन को लेनी होंगी

भारतीय पूर्व दाएं हाथ के बल्लेबाज अनिल कुंबले के संन्यास लेने के बाद भारतीय स्पिन विभाग के अगुआ बने हरभजन सिंह के लिए अभी सबसे बडी चुनौती इस नयी जिम्मेदारी को बखूबी संभालना है। पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि टर्बनेटर प्रत्येक मैच में अपने विकेट की संख्या बढाकर ही अपनी नई भूमिका के साथ पूरी तरह न्याय कर पाएंगे। 3 जुलाई 1980 को जालंघर में जन्में हरभजन को अपने पदार्पण से ही कुंबले के रूप में सीनियर साथी मिला लेकिन अब स्थिति बदल गई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सहयोगी स्पिनर से मुख्य फिरकी गेंदबाज की भूमिका में आए हरभजन की वास्तविक परीक्षा अब होगी लिहाजा उनकी जिम्मेदारी बहुत बढ गई है।

अपने जमाने के प्रसिद्ध वामहस्त स्पिनर मनिंदर सिंह ने हरभजन की नई जिम्मेदारी के बारे में कहा कि टर्बनेटर पर दायित्व और दबाव जरूर बढ गया है। उन्होंने कहा कि हरभजन को अब सहायक गेंदबाज नहीं बल्कि नेतृत्व कर्ता के रूप में गेंदबाजी करके ज्यादा से ज्यादा विकेट लेने होगे। मनिंदर ने कहा कि "हरभजन अब टीम क मुख्य स्पिनर है और उन्हें कुंबले की भूमिका निभानी होगी।
अब उन्हें 2-3 विकेट नही बल्कि 4-5 विकेट लेने होंगे।" गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में आस्टे्रलिया के खिलाफ टेस्ट श्रृखला के बाद अनिल कुंबल ने विकेट से संन्यास ने लिया था। उसके बाद खेले गए पांच टेस्ट में हरभजन ने 25.91 के औसत से 24 विकेट लिए है। कुंबले के विकल्प के बारे में पूछे जाने पर मनिंदर ने कहा कि कुंबले का कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कुछ नए स्पिनर सामने आए है जिनमें काफी क्षमता है।
इनमें अमित मिश्रा का नाम प्रमुख है। दूसरी ओर, भारत के लिए क्रिकेट खेल चुके एक अन्य ऑफ स्पिनर निखिल चोपडा का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाडी पर दबाव तों होता ही है, अब हरभजन की जिम्मेदारी बढ गई है और उन्हे कुंबले की जगह लेनी होगी।